

गौरव श्रीवास्तव,आजमगढ़। वर्तमान में शादी विवाह का सीजन चल रहा है। शादी विवाह के चलते देर रात तक लोगों का आवागमन सड़कों पर हो रहा है। वहीं सुरक्षा की बात करें तो जिले के चौराहे और तिराहे रात को भगवान भरोसे होते हैं। बृहस्पतिवार की रात 10.30 बजे शहर के चौराहों और तिराहों की गई पड़ताल में किसी चौराहे और तिराहे पर कोई पुलिस कर्मी नहीं मिला। पुलिस बूथ भी खाली मिले।पुलिस प्रशासन हर समय मुस्तैद रहने का दावा करता है। वर्तमान में सहालग का सीजन भी चल रहा है। ऐसे में एक व्यक्ति के पास दो से तीन निमंत्रण होते हैं। इन निमंत्रणों से लौटने में लोगों को काफी देर हो जाती है। कोई रात को 12 बजे तो कोई एक बजे तक घर पहुंच रहा है। ऐसे में चौराहों और तिराहों पर पुलिस का मौजूद न रहना एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। बृहस्पतिवार की रात जब शहर के के चौराहों और तिराहों की पड़ताल की गई तो किसी भी चौराहे और तिराहे पर कोई पुलिस कर्मी मौजूद नहीं मिला। सबसे बड़ी बात तो यह रही कि नगर के मुख्य चौक से भी सिपाही नदारद मिले। रात 10:30 बजे: नगर के नरौली तिराहे से होकर शहर के अलावा मऊ और बलिया जनपद के साथ ही वाराणसी और जौनपुर जाने वाले वाहन गुजरते हैं। रात में रास्ता भटकने पर लोग पुलिस की मदद लेते हैं। वहीं अक्सर देर रात लौटने वाले लोगों के साथ शाति बदमाश छिनैती आदि की घटनाओं को अंजाम देते हैं। लेकिन, बृहस्पतिवार की रात यहां एक कभी पुलिस कर्मी नहीं मिला और बूथ भी खाली मिला। रात 10:35 बजे: रेलवे स्टेशन तिराहा जिले का सबसे महत्वपूर्ण तिराहा है। बाहर से ट्रेन के जरिए आने वाले लोग स्टेशन से उतरने के बाद ऑटो या ई-रिक्शा पकड़कर गंतव्य को जाते हैं। बृहस्पतिवार को की गई पड़ताल में इस तिराहे पर भी एक पुलिसकर्मी कहीं नजर नहीं आया। रात 10:40 बजे: नगर के हरबंशपुर तिराहे से होकर अधिकारियों के आवास जाने का रास्ता है। इसी रास्ते से होकर डीएम, एसपी, सीडीओ और सीएमओ जैसे आला अधिकारी गुजरते हैं। पड़ताल के दौरान इस तिराहे पर भी किसी पुलिस कर्मी का कहीं अता पता नहीं था। रात 11 बजे: नगर का मुख्य चौक जहां पूरे दिन दूर-दूर से लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। रात के समय यहां पर भी कोई पुलिस कर्मी नजर नहीं आता है। बृहस्पतिवार की रात को जब इस चौराहे की पड़ताल की गई तो कोई पुलिस कर्मी का कहीं पता नहीं था। हमारी ओर से पिकेट बढ़ाने और पेट्रोलिंग बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। चौराहों और तिराहों पर पुलिस कर्मी मौजूद हाेने चाहिए। अगर पुलिस कर्मी नहीं रहते हैं तो इसकी जांच कराई जाएगी। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा।
