मदरसा शिक्षा से जुड़े चार अधिकारियों को किया गया निलंबित, शिक्षक के विरुद्ध मुबारकपुर में दर्ज है मुकदमा

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गौरव श्रीवास्तव,आजमगढ़। ब्रिटेन की नागरिकता छिपाकर लगभग पांच वर्ष तक वेतन लेने वाले दारूल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उलूम मुबारकपुर के आलिया सेक्शन के अध्यापक शमसुलहोद खान के मामले में आजमगढ़ के जिन तत्कालीन अधिकारियों को प्रदेश सरकार ने निलंबित किया है। उसके खिलाफ मदरसा प्रबंधक सरफराज ने मुबारकपुर थाने में छह जून-2025 को धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। इस प्रकरण में शमसुलहोदा खान के रिश्तेदार करीम खान की शिकायत पर 2007 से 2017 तक जिला प्रशासन की तरफ से गठित समिति ने जांच थी। जिसमें अल्पसंख्यक विभाग के तत्कालीन अधिकारियों के विरुद्ध की गई जांच की आख्या शासन को भेजी गई थी। जिसमें उल्लेख किया गया था कि आजमगढ़ में तैनात तत्कालीन संयुक्त निदेशक शेषनाथ पांडेय, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी साहित्य निकष सिंह (जो वर्तमान में गाजियाबाद तैनात), तत्कालीन स्टाफ लालमन (वर्तमान में डीएमओ बरेली) और प्रभात कुमार (वर्तमान में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अमेठी) में तैनात है।शमसुलहोदा खान के रिश्तेदार करीम खान की शिकायत पर जिला स्तर पर दो बार जांच हुई थी। एक बार तत्कालीन एडीएम प्रशासन अनिल कुमार मिश्र व दूसरी बाद वर्तमान एडीएम प्रशासन राहुल विश्वकर्मा ने जांच की। इस संबंध में 2013 से 2017 तक पांच वर्षों तक कुल 16 लाख, 59 हजार,555 रुपये वेतन के रूप में हुए भुगतान की रिकवरी के संबंध में संतकबीर नगर जिला प्रशासन को पत्र प्रेषित किया गया था। क्योंकि शमसुलहोदा खान का वेतन व अन्य भुगतान जिस बैंक के खाते में जाता रहा है, वह बैंक संतकबीर नगर में ही है।मुबारकपुर स्थित दारूल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उलूम के मदरसा प्रबंधक ने शमसुलहोदा खान के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। तहरीर में उल्लेख किया है कि शिक्षक पद पर तैनात भारतीय नागरिक होने के साथ-साथ उसने ब्रिटेन का नागरिक ले रखी है। जिसने पांच वर्षों में16 लाख, 59 हजार, 555 रुपये की धनराशि लेने में आहरित करने के बाद शिक्षक पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर मुबारकपुर से अपने पैतृक घर संतकबीर नगर चला गया। इसलिए रिकवरी कराई जाए। दोहरी नागरिकता छिपाने के आपराधिक कृत्य के विरुद्ध दंडित किया जाए।प्रबंधक सरफराज ने तहरीर में उल्लेख किया है कि शमसुलहोदा खान की नियुक्ति दारूल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उलूम में 12 जुलाई 1984 में हुई थी। इस दौरान वह मदरसा में अध्यापन कार्य करता। आंख व अन्य बीमारी का इलाज कराने मेडिकल लीव लेकर ब्रिटेन जाता था। वापस लौटने पर मदरसा में अध्यापन कार्य करने लग जाता। ब्रिटेन आने जाने के दौरान ही उसने वहां की नागरिकता प्राप्त कर ली। इस प्रकार उसने भारत और ब्रिटेन दोनों देशों की नागरिकता प्राप्त कर लिया और 2013 से 2017 वेतन आहरित कर लिया। शमसुलहोदा खान स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर अपने पैतृक आवास पर चला गया। वहां पर रिश्तेदार करीम खान से किसी बात का विवाद हो गया। विवाद के बाद यह पता चला कि वह 2013 में ब्रिटेन का भी नागरिक बना हुआ है।इस मामले में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी वर्षा अग्रवाल ने बताया कि ‘इस प्रकरण में जिला प्रशासन स्तर पर दो बार जांच हुई थी। आख्या में तत्कालीन अफसरों की लापरवाही की बात सामने आई थी। मदरसा प्रबंधक ने नौ जून को मुबारकपुर थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है।

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