

आजमगढ़। आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं और आयुष्मान कार्ड बनाने में आ रही समस्याओं को लेकर जन किसान कल्याण समिति एवं ऑटो रिक्शा चालक समिति उत्तर प्रदेश ने शासन-प्रशासन के सामने आवाज उठाई है। संगठन की ओर से प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, चिकित्सा मंत्री, मुख्य सचिव, आजमगढ़ मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर चार सूत्रीय मांगें रखी गई हैं।ज्ञापन में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कृपाशंकर पाठक ने कहा कि सरकार की ओर से आयुष्मान कार्ड के माध्यम से पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा दी जा रही है, लेकिन कई पात्र परिवारों के सभी सदस्यों का कार्ड नहीं बन पा रहा है। मोबाइल के माध्यम से कार्ड बनाने में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवारों में कुछ सदस्यों के कार्ड बन जाते हैं, जबकि बाकी सदस्य योजना के लाभ से वंचित रह जाते हैं।संगठन ने मांग की है कि सभी पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड तत्काल बनाए जाएं और परिवार के सदस्यों की संख्या को लेकर किसी प्रकार की बाध्यता न रखी जाए। इसके साथ ही आधार कार्ड के मानकों के अनुसार आयुष्मान योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा देने की मांग की गई है।ज्ञापन में अस्पतालों में विभिन्न प्रकार की जांच, चिकित्सकीय सेवाओं और डॉक्टरों की फीस निर्धारित कर उसकी जानकारी पोस्टर के माध्यम से सार्वजनिक करने तथा गरीबी रेखा का निर्धारण वर्ष 2011 के बजाय वर्तमान आर्थिक स्थिति के आधार पर करने की भी मांग उठाई गई है।संगठन ने शासन-प्रशासन को 15 दिनों का समय देते हुए चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि में मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन पर संगठन मंत्री शाहीद अहमद, महामंत्री मनोज यादव एवं प्रदेश अध्यक्ष कृपाशंकर पाठक के हस्ताक्षर हैं।
