

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने प्रदेशभर के 47 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं का स्वीकृत विद्युत भार स्वतः बढ़ा दिया है। इसी क्रम में आजमगढ़ शहर के करीब 22 हजार उपभोक्ताओं का भी बिना पूर्व सूचना के बिजली लोड बढ़ा दिया गया। अधिकांश उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी नया बिजली बिल मिलने के बाद हुई, जबकि कई उपभोक्ता अभी भी इस बदलाव से अनजान हैं।विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता आर.के. सिंह ने विभाग के इस निर्णय का बचाव करते हुए कहा कि यह कदम उपभोक्ताओं और विद्युत विभाग दोनों के हित में उठाया गया है। उन्होंने बताया कि स्वीकृत भार बढ़ने से उपभोक्ताओं को भविष्य में अधिक मांग प्रभार से राहत मिलेगी। साथ ही विभाग को वास्तविक बिजली मांग का आकलन करने और उसी के अनुरूप लाइन व ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने में सुविधा होगी।उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के वित्तीय वर्ष 2025-26 के टैरिफ आदेश के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं ने 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच तीन बार अपने स्वीकृत भार से अधिक बिजली का उपयोग किया है, उनका स्वीकृत भार न्यूनतम भार उल्लंघन की रीडिंग के बराबर स्वतः बढ़ा दिया गया है। यह व्यवस्था स्मार्ट और नॉन-स्मार्ट मीटर वाले सभी उपभोक्ताओं पर समान रूप से लागू की गई है।आर.के. सिंह के अनुसार, यदि कोई उपभोक्ता स्वीकृत भार से अधिक बिजली का उपयोग करता है तो उस पर अतिरिक्त प्रभार लगाया जाता है। ऐसे में स्वीकृत भार बढ़ने से भविष्य में अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी। साथ ही बिजली नेटवर्क पर ओवरलोडिंग कम होगी, ट्रांसफार्मर खराब होने की घटनाएं घटेंगी और उपभोक्ताओं को बेहतर एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी। अधिशासी अभियंता का यह भी कहना है कि सर्दियों में डिमांड कम होने के बावजूद लोड कम नहीं किया जाएगा। हालांकि, बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं का कहना है कि लोड बढ़ाने से पहले उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई, जबकि नियमानुसार इसकी जानकारी देना आवश्यक है। उपभोक्ताओं ने यह भी चिंता जताई है कि सर्दियों में बिजली की मांग कम होने के बावजूद यदि लोड कम नहीं किया जाएगा तो उन्हें उस अवधि में भी अधिक फिक्स्ड चार्ज और अतिरिक्त बिल का भुगतान करना पड़ेगा।
