




गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़ के अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक कैलेश्वर धाम कैली आश्रम (मुमुक्षु आश्रम) में 18 मई को ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का आगमन होगा। उनका यह दौरा देशव्यापी 81 दिवसीय ‘गौ-स्वस्ति यात्रा’ के अंतर्गत प्रस्तावित है, जिसे लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने गुरुवार को शंकराचार्य जी के शिष्य डॉ. शशिकांत एवं इंद्रक्ष शर्मा कैलेश्वर धाम पहुंचे, जहां उन्होंने आश्रम परिसर, श्रद्धालुओं की व्यवस्था और स्वागत कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण किया।शिष्य इंद्रक्ष शर्मा ने बताया कि शंकराचार्य जी उत्तर प्रदेश की सभी विधानसभाओं में भ्रमण कर गौ माता के संरक्षण, संवर्धन और सम्मान के लिए जनजागरण अभियान चला रहे हैं। इसी क्रम में 17 और 18 मई को आजमगढ़ जनपद के विभिन्न क्षेत्रों के दौरे के बाद 18 मई की शाम उनका अतरौलिया आगमन होगा। यहां वे रात्रि विश्राम करेंगे तथा 19 मई की सुबह करीब 9 बजे अगले गंतव्य के लिए रवाना होंगे।डॉ. शशिकांत ने बताया कि शंकराचार्य जी का संकल्प उत्तर प्रदेश में गौ माता को ‘पशु सूची’ से हटाकर ‘राज्यमाता’ का दर्जा दिलाना है। उन्होंने इसे गौवंश संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि यात्रा का उद्देश्य समाज को गौ सेवा और सनातन मूल्यों के प्रति जागरूक करना है।उन्होंने कहा कि कैलेश्वर धाम की पौराणिक एवं आध्यात्मिक महत्ता को देखते हुए शिष्यों ने गुरुदेव से यहां दर्शन और आशीर्वचन देने का आग्रह किया था। संभावना है कि 18 मई की शाम 6 से 6:30 बजे के बीच शंकराचार्य जी आश्रम पहुंचेंगे। इस दौरान वे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को धर्म, संस्कृति और गौ-सेवा का संदेश भी देंगे।डॉ. शशिकांत ने कहा, “हमारा प्रयास है कि गौ माता को केवल पशु न मानकर उन्हें उनका उचित सम्मान दिलाया जाए। अतरौलिया का यह पौराणिक धाम जगद्गुरु के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।”
