



गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़ में चर्चित दोहरे हत्याकांड के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय ने सुनवाई पूरी होने के बाद सात आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही प्रत्येक पर एक लाख एक हजार पांच सौ रुपये का अर्थदंड भी लगाया।अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 13 अगस्त 2020 की है, जब वादिनी संतरा देवी अपने पति हीरालाल उर्फ मिठाई और बेटों के साथ दवा लेने लालगंज बाजार जा रही थीं। रास्ते में घोड़सहना गांव के पास सुरेन्द्र और प्रदीप उर्फ दिलीप ने उन्हें रोक लिया और प्रधानी चुनाव की बात कहकर हीरालाल और उनके बेटे तेज कुमार को अपने घर के अंदर ले गए।कुछ ही देर में अन्य आरोपी भी मौके पर पहुंच गए। बातचीत के दौरान प्रदीप और सुरेन्द्र ने हीरालाल को गोली मार दी। बेटे तेज कुमार ने भागने की कोशिश की, लेकिन अन्य आरोपियों ने उसे घेर लिया और लाल बहादुर व रणजीत ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। मुकदमे के दौरान एक आरोपी फेंकू यादव की मृत्यु हो चुकी है।दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने प्रदीप उर्फ दिलीप, सुरेन्द्र, लाल बहादुर, उमेश यादव, अजय यादव, रणजीत और कमली देवी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत के इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।
