आजमगढ़ UPCOP ऐप से FIR डाउनलोड कर ठगी करने वाला अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 2 ठग गिरफ्तार

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गौरव श्रीवास्तव,आजमगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में आजमगढ़ पुलिस और साइबर सेल ने एक बड़े अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह उत्तर प्रदेश पुलिस के आधिकारिक UPCOP ऐप से FIR डाउनलोड कर पीड़ितों का नाम-पता निकालता था और फिर फर्जी पुलिस बनकर QR कोड के जरिए पैसे ठगता था।पुलिस ने मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के दो अभियुक्तों अंकित यादव उम्र 24 वर्ष, पुत्र स्व. धर्मजीत यादव, निवासी भदरई, थाना लेधौरा, जिला टीकमगढ़ (मध्य प्रदेश, दीनदयाल यादव उम्र 45 वर्ष , पुत्र भईयालाल यादव, निवासी कनेरा बरियन, थाना बम्हौरी कला, जिला टीकमगढ़ मध्य प्रदेश को आजमगढ़ रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। अभियुक्तों के पास से 2 रियलमी मोबाइल फोन, 1 फर्जी पुलिस परिचय पत्र, 4 फर्जी आधार कार्ड, कई टूटे हुए जियो और एयरटेल सिम कार्ड बरामद किया। थाना जहानागंज पर मुकदमा दर्ज है।अभियुक्तों के खिलाफ भदोही साइबर थाने में भी पहले से एक मुकदमा दर्ज है। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि UPCOP ऐप से FIR डाउनलोड कर पीड़ित का नाम, पता और केस की पूरी डिटेल निकालते थे। ग्राम प्रधानों के नंबर गूगल और निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से लेकर पीड़ित का मोबाइल नंबर पता करते थे। खुद को उसी थाने का सिपाही बताकर कॉल करते और कहते – “आपका लड़का/लड़की मिल गया है”, “गिरफ्तारी होने वाली है, केस रफा-दफा कर देंगे” या “मदद चाहिए तो पैसे भेजो”। फिर अलग-अलग QR कोड भेजकर तुरंत पैसे मंगवा लेते थे। एक मामले में मेहनगर क्षेत्र की महिला सविता से ठगों ने अपनी “लड़की मिलने” का झांसा देकर QR कोड पर 22,000 रुपये ठग लिए थे। अभियुक्त अंकित यादव के फोन से अलीगढ़, गोंडा, गाजीपुर, अमरोहा, गोरखपुर, औरैया, अमेठी, हमीरपुर आदि जिलों की 12 FIR मिलीं, जिनके पीड़ितों को ये लोग निशाना बनाने वाले थे। NCRP पोर्टल पर इनके खिलाफ तमिलनाडु, तेलंगाना, दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, छत्तीसगढ़ सहित उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि कोई भी अज्ञात व्यक्ति खुद को पुलिसकर्मी बताकर पैसे या QR कोड मांगे तो तुरंत नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें। UPCOP ऐप से FIR डाउनलोड करने की सुविधा सिर्फ पीड़ित या अधिकृत व्यक्ति के लिए है, इसका दुरुपयोग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

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