
गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में सोमवार को सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती नितिका राजन ने जिला कारागार आजमगढ़ का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिला बैरक सहित बाल बैरक का जायजा लेकर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।निरीक्षण के दौरान महिला बैरक में साफ-सफाई औसत स्तर की पाई गई। कई महिला बंदियों ने बैरक में पर्याप्त सफाई न होने से मच्छरों की समस्या बढ़ने की शिकायत की। इस पर सचिव ने जेल प्रशासन को नियमित साफ-सफाई कराने तथा मच्छरों से बचाव के लिए समय-समय पर दवा का छिड़काव सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।जेल में निरुद्ध महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों के लिए दूध, फल एवं पौष्टिक आहार की पर्याप्त व्यवस्था न मिलने पर भी सचिव ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने जेल अधिकारियों को निर्देशित किया कि बच्चों को निर्धारित मात्रा में पौष्टिक आहार, दूध एवं फल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।निरीक्षण के दौरान महिला बंदी पार्वती पत्नी सुरेश (थाना रानी की सराय), सरिता पत्नी सत्यदेव (थाना पवई), धनेश्वरी पत्नी श्रीराम (थाना निजामाबाद) तथा राबड़ी देवी पत्नी इन्द्रपाल चौहान (थाना रौनापार) द्वारा बताई गई समस्याओं को सुनते हुए उनके समाधान के लिए जेल प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए।सचिव ने बाल बैरक का निरीक्षण कर वहां रह रहे बच्चों से भी बातचीत की। इस दौरान प्रिंस सिंह ने बताया कि उनके मुकदमे में अधिवक्ता नामित है, लेकिन उन्हें मुकदमे की अद्यतन स्थिति की जानकारी नहीं है। इस पर लीगल एड डिफेंस काउंसिल को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जेल परिसर में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर आयोजित कर बंदियों की समस्याएं सुनी गईं और उनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।निरीक्षण के दौरान जेलर अनिल सिंह, डिप्टी जेलर गौरव सिंह, डिप्टी जेलर अजय कुमार, डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल प्रवीण कुमार सिंह, असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल अतुल कुमार राय तथा पराविधिक स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
