
गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता, आजमगढ़। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर सोमवार को 5-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू न किए जाने के विरोध में जिले के सभी राष्ट्रीयकृत, ग्रामीण, सहकारी तथा देशी-विदेशी निजी बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल के चलते शहर के सभी बैंक बंद रहे, जिससे आम जनता और खाताधारकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।सभी बैंकों के कर्मचारी मुख्य रूप से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की रैदोपुर शाखा पर एकत्रित हुए, जहां विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरान यूनियन नेताओं ने बैंक कर्मियों और आम लोगों को हड़ताल के कारणों से अवगत कराया।यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के कन्वेनर विष्णु गुप्ता ने कहा कि आधुनिक दौर में युवा केवल रोजगार ही नहीं बल्कि वर्क-लाइफ बैलेंस भी चाहता है। तकनीकी प्रगति, डिजिटल बैंकिंग, एटीएम, मोबाइल बैंकिंग और ऑनलाइन सेवाओं के युग में शनिवार को बैंक खोलने की कोई व्यावहारिक आवश्यकता नहीं है। दो दिन का साप्ताहिक अवकाश कर्मचारियों के स्वास्थ्य, कार्यक्षमता और उत्पादकता को बेहतर बनाता है।धरना-प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मचारियों ने दोपहिया वाहन जुलूस भी निकाला, जो स्टेट बैंक रैदोपुर से शुरू होकर दुर्गा मंदिर, एक्सिस बैंक, एलवल त्रिमुहानी, HDFC बैंक, शहीद द्वार, अग्रसेन तिराहा और सिविल लाइन चौराहा होते हुए पुनः स्टेट बैंक पर समाप्त हुआ। इसके बाद धरना शाम तक जारी रहा।हड़ताल और प्रदर्शन में विभिन्न बैंकों के सैकड़ों कर्मचारी एवं अधिकारी शामिल रहे, जिन्होंने एक स्वर में 5-दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग की।
