

गौरव श्रीवास्तव,आजमगढ़। भारतीय तैराकी जगत के लिए गर्व का क्षण है। ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से ग्रसित 17 वर्षीय भारतीय पैरा तैराक सुश्री जिया राय को यूनाइटेड किंगडम की चैनल स्विमिंग एंड पायलट्स फेडरेशन द्वारा प्रतिष्ठित ऑड्रे स्कॉट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें वर्ष 2024 में इंग्लिश चैनल पार करने वाली सबसे कम उम्र की सफल तैराक बनने पर प्रदान किया गया है। जिया इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को प्राप्त करने वाली विश्व की पहली पैरा तैराक भी हैं।आपको बता दे की जिया राय ने 28 जुलाई 2024 को इंग्लिश चैनल को 34 किलोमीटर की दूरी 17 घंटे 25 मिनट में तैरकर पार कर इतिहास रच दिया। वह ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से ग्रसित पहली महिला पैरा तैराक हैं, जिन्होंने यह चुनौती एकल (सोलो) रूप से पूरी की।इतना ही नहीं, जिया ने 26 सितंबर 2025 को अमेरिका के कैटालिना चैनल को भी सोलो तैरकर पार किया और इस उपलब्धि के साथ वह कैटालिना चैनल पार करने वाली विश्व की पहली महिला पैरा तैराक बन गईं। इस ऐतिहासिक तैराकी के साथ उन्होंने विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।
जिया राय की प्रमुख उपलब्धियां:
वर्ष 2024 में इंग्लिश चैनल पार करने वाली सबसे कम उम्र की महिला पैरा तैराक,
ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से ग्रसित इंग्लिश चैनल पार करने वाली पहली बालिका (2024)
कैटालिना चैनल को सोलो तैरकर पार करने वाली विश्व की पहली महिला पैरा तैराक (2025)
कैटालिना चैनल स्विम की विश्व रिकॉर्ड धारक (2025)WOWSA अवॉर्ड 2024,
राष्ट्रीय दिव्यांग पुरस्कार 2023 एवं प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2022 से सम्मानित
जिया राय की यह अद्भुत यात्रा न केवल खेल जगत के लिए प्रेरणास्रोत है, बल्कि वह ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर एवं दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार, समावेशन और स्वीकार्यता की सशक्त प्रतीक बनकर उभरी हैं।जिया राय की इस सफलता के पीछे उनके पिता मदन राय (एमसी-एटी-आर्म्स II), भारतीय नौसेना का महत्वपूर्ण योगदान और निरंतर मार्गदर्शन रहा है, जिन्होंने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया।जिया राय की यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन कर रही है और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक नई प्रेरणा बन गई
