
गौरव श्रीवास्तव,आजमगढ़। के सांसद धर्मेंद्र यादव ने लोकसभा में नकली कफ सिरप और उससे हो रही मौतों पर अपनी बात रखते हुए कहा कि वाराणसी बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राजा आनंद ज्योति सिंह की एक साल पहले कफ सिरप प्रकरण में जान चली गई थी। उनकी पत्नी भारती सिंह ने बताया कि 1 वर्ष से पुलिस और थानों के चक्कर काट रही थी लेकिन एक प्राथमिकी तक दर्ज नहीं हो पाई जहां की सरकार “ज़ीरो टॉलरेंस आन क्राइम एंड करपशन ” का नारा देती है। जब सपा अध्यक्ष माननीय अखिलेश यादव जी ने उक्त प्रकरण पर प्रेस कॉन्फ्रेंस किये ट्वीट किये तब जाकर प्राथमिकी दर्ज हुई। वाराणसी के आसपास के जिलों जौनपुर, मिर्जापुर, भदोही,आजमगढ़,चंदौली गाज़ीपुर में नकली कफ सिरप का पूरा रैकेट चल रहा है।यह रैकेट सिर्फ अंतर्जनपदीय ही नहीं बल्कि अंतरराज्यीय जिसमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जिसमें बांग्लादेश,साउथ अफ्रीका तक फैला हुआ है। देश के प्रधानमंत्री जी जिस लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। और वहीं इस तरह के जाति विशेष के माफियाओं का केंद्र बना हुआ है।
हजारों करोड़ों का अवैध कारोबार हो रहा है बच्चे मरें तो मरें, बुजुर्ग मरें तो मरें इनको तो सिर्फ पैसों से मतलब है
इसी काली कमाई से माफियाओं को महंगी गाड़ियां तक गिफ्ट की गईं, सभापति महोदय आप कहें तो गिफ्ट की गयी गाड़ी और माफिया का विस्तृत व्यौरा मैं दे सकता हूँ!
इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग करता
हूँ।
