

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। जिले के फूलपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और विशेष अपराध नियंत्रण टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गोवध गिरोह से जुड़े दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अहरौला थाना क्षेत्र के पीठापुर गांव निवासी सलमान पुत्र फिरोज और सज्जाद पुत्र अजीज के रूप में हुई है। दोनों उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में वांछित थे। पुलिस ने सलमान पर 25 हजार रुपये और सज्जाद पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। दोनों पर कुल 75 हजार रुपये का इनाम था।पुलिस के अनुसार, यह गिरोह आजमगढ़ सहित कई जनपदों में सक्रिय था। गिरफ्तार सलमान के विरुद्ध 36 और सज्जाद के विरुद्ध 11 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं से संबंधित मामले शामिल हैं।पुलिस के मुताबिक, जिलाधिकारी की अनुमति से तैयार गैंग चार्ट के आधार पर 5 जून 2026 को थाना फूलपुर में मुकदमा अपराध संख्या 190 बटा 2026 के तहत उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप अधिनियम में सलमान समेत चार आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना थाना पवई के प्रभारी निरीक्षक कर रहे हैं।पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी फूलपुर के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक देवेन्द्र प्रताप सिंह पुलिस टीम के साथ आरोपियों की तलाश कर रहे थे।इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 11:35 बजे सतुवहिया पुलिया से कुछ पहले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर गोवध का काम करने की बात बताई। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।पुलिस द्वारा जारी आपराधिक इतिहास के अनुसार, सलमान के विरुद्ध आजमगढ़ के अलावा अंबेडकरनगर, संतकबीर नगर, मऊ, जौनपुर, गोंडा, अयोध्या और प्रतापगढ़ सहित विभिन्न जनपदों में मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, सज्जाद के विरुद्ध आजमगढ़, गोंडा और देवरिया सहित अन्य स्थानों पर मामले दर्ज बताए गए हैं।गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक देवेन्द्र प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक अजीज खान, कांस्टेबल महेन्द्र कुमार सरोज, कांस्टेबल विनोद कुमार यादव तथा विशेष अपराध नियंत्रण टीम के प्रभारी उपनिरीक्षक सच्चिदानन्द, कांस्टेबल श्रेष्ठ कुमार यादव और कांस्टेबल आनन्द मौर्या शामिल रहे।पुलिस का कहना है कि आरोपियों के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है।
