


गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। युवक सौरभ तिवारी ने डीआईओएस मनोज कुमार पर वेतन भुगतान के नाम पर वसूली करने का गंभीर आरोप लगाया है। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह उसे समझाकर बड़ा हादसा टाल दिया। सौरभ तिवारी के पिता और शिक्षक अशोक तिवारी के अनुसार, अंजुमन इस्लामिया उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दौना लालगंज वर्ष 2002 में अनुदान सूची में शामिल हुआ था। नियुक्ति विवाद को लेकर मामला कोर्ट में चला गया, जिसके चलते वेतन अवरुद्ध हो गया। वर्ष 2016 में कोर्ट से निर्णय शिक्षकों के पक्ष में आया, लेकिन बाद में फिर से विवाद खड़ा हो गया। वर्ष 2024 में न्यायालय ने पुनः शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए वेतन भुगतान के निर्देश दिए। आरोप है कि पूर्व डीआईओएस उपेंद्र कुमार के कार्यकाल में वेतन भुगतान के लिए 25 लाखों रुपये की मांग की गई और आंशिक भुगतान के बाद फिर से वेतन रोक दिया गया। इसी बीच उपेंद्र कुमार अवकाश पर गए थे। डीआईओएस का प्रभार संभालने वाले वीरेंद्र प्रताप सिंह द्वारा भुगतान शुरू कराया गया, लेकिन पुनः चार्ज संभालने के बाद उपेंद्र कुमार ने वेतन रोक दिया। 31 जनवरी 2026 को जेडी कार्यालय में हुए हंगामे के बाद वेतन फिर से जारी होने लगा। इसके बाद उपेंद्र कुमार का स्थानांतरण हो गया। प्रभारी डीआईओएस मनोज कुमार के कार्यकाल में भी मार्च माह का वेतन रोक दिया गया, जिससे क्षुब्ध होकर सौरभ तिवारी ने यह कदम उठाया। वहीं, इस मामले को लेकर डीआईओएस मनोज कुमार ने बताया कि आरोप गलत गलाया जा रहा है। कोर्ट के आदेश पर वेतन रोका गया है।
