


गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में पुलिस के कथित उत्पीड़न और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को लेकर मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पूर्व जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह ने बुधवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि जिले के कई थानों में आम जनता के साथ पुलिस का व्यवहार लगातार खराब होता जा रहा है। शिकायत लेकर पहुंचने वाले पीड़ितों के साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाता है, जिससे उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद कमजोर पड़ रही है।प्रवीण कुमार सिंह ने गम्भीरपुर थाना का उदाहरण देते हुए बताया कि हाल ही में एक व्यक्ति मारपीट की घटना के बाद खून से लथपथ हालत में थाने पहुंचा, लेकिन उसकी एफआईआर दर्ज करने के बजाय आरोपियों की तरफ से उसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। आरोप है कि पीड़ित को थाने में बैठाकर धमकाया भी गया।उन्होंने यह भी बताया कि जब उन्होंने एक जनप्रतिनिधि के रूप में थानाध्यक्ष से फोन पर बात की, तो उनका जवाब बेहद गैर-जिम्मेदाराना था। थानाध्यक्ष ने कथित तौर पर कहा कि “अगर कोई किसी को मारेगा तो सामने वाला भी प्रतिकार करेगा,” यहां तक कि उन्होंने इसे हत्या जैसे मामलों से भी जोड़ दिया। इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि सजा देने का अधिकार केवल न्यायालय को है, न कि पुलिस या समाज को।ज्ञापन में जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित थानाध्यक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है, ताकि शासन की ‘अपराध मुक्त’ नीति की साख बनी रहे। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
