

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। लालगंज स्थित गीता चाइल्ड केयर हॉस्पिटल में नवजात शिशु की मृत्यु तथा उपचार में लापरवाही के आरोपों से संबंधित घटना की सूचना स्थानीय लोगों द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी, आजमगढ़ डॉ. एन. आर. वर्मा के सीयूजी मोबाइल नंबर पर दी गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए डिप्टी सीएमओ एवं नोडल, निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान डॉ. मोहनलाल को तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कर कृत कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए।मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशों के क्रम में नोडल अधिकारी, निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान डॉ. मोहनलाल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज डॉ. ए. आर. सिंह के माध्यम से संबंधित अस्पताल का स्थलीय निरीक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराई। विभागीय टीम द्वारा की गई जांच में अस्पताल के संचालन से संबंधित गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं।जांच के दौरान गीता चाइल्ड केयर हॉस्पिटल का मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में वैध पंजीकरण नहीं पाया गया। अस्पताल संचालक एवं कार्यरत स्टाफ के पास निर्धारित चिकित्सा डिग्री, तकनीकी योग्यता एवं संबंधित पंजीकरण के वैध अभिलेख उपलब्ध नहीं मिले। अस्पताल में संचालित नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) निर्धारित चिकित्सा मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। इसके अतिरिक्त बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान आवश्यक साक्ष्यों के संकलन हेतु फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी भी कराई गई।पूर्व में सीज किए जाने के बावजूद अस्पताल का संचालन किए जाने का मामला भी सामने आया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संबंधित अस्पताल को पूर्व में भी सीज किया गया था, इसके बावजूद कथित रूप से पुनः संचालन किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान संचालक एवं स्टाफ द्वारा वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए तथा वे मौके से फरार हो गये।प्रकरण की गंभीरता एवं मरीजों की सुरक्षा तथा जनहित को सर्वोपरि रखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर संबंधित अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया गया है। अस्पताल में पाई गई अनियमितताओं के संबंध में सुसंगत विधिक प्रावधानों के अंतर्गत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने स्पष्ट किया कि जनपद में बिना वैध पंजीकरण संचालित निजी अस्पतालों एवं अन्य चिकित्सा प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। चिकित्सा सेवाओं में निर्धारित मानकों की अनदेखी, अयोग्य व्यक्तियों द्वारा उपचार तथा मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ किए जाने के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनपद में संचालित निजी चिकित्सा प्रतिष्ठानों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता संज्ञान में आने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई करते हुए उसकी सूचना उपलब्ध कराई जाए।सीएमओ ने आमजन से अपील किया है कि उपचार के लिए अस्पताल अथवा क्लीनिक का चयन करते समय उसके वैध पंजीकरण एवं संबंधित चिकित्सकों की निर्धारित योग्यता की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। किसी भी अपंजीकृत अथवा संदिग्ध चिकित्सा प्रतिष्ठान के संचालन की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दें, ताकि जनसामान्य के स्वास्थ्य एवं जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
