आठ साल की कौमुदी दुबे ने कूडो चैंपियनशिप में जीता गोल्ड, क्षेत्र का बढ़ाया मान

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गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़ के अतरौलिया नगर पंचायत के पुरवा निवासी आठ वर्षीय कौमुदी दुबे ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। गोरखपुर में आयोजित नौवीं उत्तर प्रदेश राज्य स्तरीय कूडो चैंपियनशिप-2026 में कौमुदी ने स्वर्ण पदक जीतकर अपने गांव, परिवार और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। प्रतियोगिता में लगातार तीन मुकाबले जीतकर चैंपियन बनीं कौमुदी की सफलता से परिवार सहित क्षेत्र में खुशी की लहर है। इस उपलब्धि पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारियों ने उनके आवास पर पहुंचकर फूल-मालाओं से सम्मानित किया और उनका उत्साहवर्धन किया।वीओ — अतरौलिया के पुरवा निवासी ज्ञानेंद्र दुबे की आठ वर्षीय पुत्री कौमुदी दुबे कक्षा पांच की छात्रा हैं। उन्होंने गोरखपुर में आयोजित नौवीं उत्तर प्रदेश राज्य स्तरीय कूडो चैंपियनशिप-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। कौमुदी ने प्रतियोगिता में लगातार तीन मुकाबले जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।खास बात यह है कि कौमुदी पिछले नौ से दस महीनों से अतरौलिया स्थित अल्टीमेट स्पोर्ट क्लब में कोच प्रियंव मिश्रा के मार्गदर्शन में कूडो का प्रशिक्षण ले रही हैं। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता से पहले वह जनपद स्तरीय प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। कम उम्र में लगातार मिल रही सफलताओं ने उनके उज्ज्वल भविष्य की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।कौमुदी की इस उपलब्धि पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारियों ने उनके घर पहुंचकर फूल-मालाओं से स्वागत किया और मिठाई खिलाकर बधाई दी। सभी ने उनकी मेहनत, लगन और खेल के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए आगे भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।बाइट-1: कौमुदी दुबे, गोल्ड मेडल विजेताकौमुदी ने बताया कि गोल्ड मेडल जीतकर उन्हें बेहद खुशी हुई है। वह आगे भी इसी तरह मेहनत करना चाहती हैं और बड़ी प्रतियोगिताओं में जीत हासिल कर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन करना चाहती हैं।बाइट-2: ज्ञानेंद्र दुबे, पिताकौमुदी के पिता ज्ञानेंद्र दुबे ने कहा कि बालिकाओं की आत्मरक्षा के साथ उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए मार्शल आर्ट बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि बेटी की इस सफलता से पूरा परिवार गौरवान्वित है और अब उसे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना उनका लक्ष्य है।बाइट-3: परमहंस यादव, प्रभारी प्रधानाध्यापक, जूनियर हाईस्कूल अगयापरमहंस यादव ने कहा कि सही मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास और बेहतर प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चे कम उम्र में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। कौमुदी की सफलता क्षेत्र की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।इस अवसर पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के परमहंस यादव, विनोद कुमार पांडे, यशपाल सिंह, चंद्रशेखर मौर्य, अनूप कुमार सिंह, ओंकार सिंह, विनोद कुमार सिंह, कृष्ण कुमार सिंह और राज नारायण पांडे सहित परिवार के सदस्य एवं अन्य लोग मौजूद रहे। सभी ने कौमुदी को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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