

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस की गुणवत्तापूर्ण विवेचना, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के चलते हत्या के करीब नौ साल पुराने मामले में अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है।मेहनगर थाना क्षेत्र के भीखमपुर से जुड़े वर्ष 2017 के हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (ASJ-4), आजमगढ़ की अदालत ने बुधवार को पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 1 लाख 5 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।मामले के अनुसार, 3 फरवरी 2017 को प्रभात कुमार दूबे निवासी पटना अहियाई, थाना मेहनगर ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनके पिता वीरेन्द्र दूबे की गला दबाकर हत्या कर दी गई। तहरीर के आधार पर मेहनगर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 47/2017, धारा 302, 147 और 149 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। प्रभावी पैरवी के बाद अदालत ने राजेन्द्र पाण्डेय, टोनू पाण्डेय, उषा पाण्डेय, रीना पाण्डेय और शोभा पाण्डेय को दोषसिद्ध पाते हुए सभी को उम्रकैद और 1.05 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
