

ऑनलाइन ट्रेडिंग और ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर देशभर में ठगी, कमीशन पर बैंक खाता उपलब्ध कराते थे आरोपी
गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने करीब 84 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड का बड़ा खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 5 मोबाइल फोन, 2 एटीएम कार्ड और 3,860 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में की गई कार्रवाई में जांच के दौरान पता चला कि NIHASA MANPOWER SERVICES PVT. LTD. के बैंक खाते का इस्तेमाल ऑनलाइन ट्रेडिंग और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों से ठगी की रकम के लेन-देन के लिए किया जा रहा था। इस खाते पर देश के 20 राज्यों से 73 साइबर शिकायतें दर्ज मिलीं। पुलिस के अनुसार, संबंधित खाते से जुड़े मामलों में कुल 83 करोड़ 94 लाख 17 हजार 664 रुपये की साइबर ठगी सामने आई है। जांच में पता चला कि नवंबर 2025 में मात्र चार दिनों के भीतर इस खाते से 4.85 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ था पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी आनंद रॉव और सुनील ने अपनी कंपनी का बैंक खाता कमीशन के बदले उपलब्ध कराया था। इसके बाद प्रशांत सिंह उर्फ लकी ने खाते की जानकारी अपने सहयोगी को देकर साइबर ठगों तक पहुंचाई। ठगी की रकम का कमीशन पहले से तय हिस्सेदारी के अनुसार बांटा जाता था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ BNS की धारा 318(4), 319(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय भेज दिया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश और जांच जारी है।
