

गौरव श्रीवास्तव/अमन गुप्ता,आजमगढ़। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय महासचिव अरुण राजभर ने शनिवार को समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सपा में बौखलाहट का माहौल है और उसके नेता ही पार्टी को कमजोर करने में जुटे हैं। उन्होंने सुभासपा के सपा में विलय और अखिलेश यादव से मुलाकात संबंधी सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया।स्थानीय निरीक्षण भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अरुण राजभर ने कहा कि सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर की एक प्रतिक्रिया से समाजवादी परिवार में खलबली मच गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के नेता जनता का ध्यान मूल मुद्दों से हटाने के लिए भ्रामक बातें फैला रहे हैं। उन्होंने प्रो. रामगोपाल यादव द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखी गई कथित चिट्ठी का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि सपा नेताओं में सच्चाई है तो उन्हें सार्वजनिक रूप से इस मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। हालांकि, उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया।सपा की आंतरिक राजनीति पर टिप्पणी करते हुए राजभर ने कहा कि पार्टी के भीतर लंबे समय से मतभेद रहे हैं। उन्होंने शिवपाल यादव के पुराने राजनीतिक घटनाक्रम का हवाला देते हुए दावा किया कि आज भी सपा के कई नेता अखिलेश यादव के नेतृत्व से असंतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो पार्टी के भीतर असंतोष और बढ़ सकता है।राम मंदिर की दानपेटी से जुड़ी चर्चाओं पर पूछे गए सवाल के जवाब में अरुण राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्य स्पष्ट हो जाएंगे और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों पर धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर राजनीति करने का आरोप भी लगाया। पत्रकार वार्ता में सुभासपा के स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
